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एक विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण में संकेत मिले हैं कि असम गण परिषद (AGP) पिछले दस वर्षों से राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार का हिस्सा होने के बावजूद धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक पकड़ खोती नजर आ रही है। आगामी चुनावों में पार्टी को लगभग समान संख्या में सीटें मिली हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में उसका जनाधार कमजोर होने की बात सामने आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाताओं की बदलती प्राथमिकताएं, बड़े सहयोगी दलों का बढ़ता प्रभाव और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव AGP की घटती मौजूदगी के प्रमुख कारण हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी को ग्रामीण और पारंपरिक समर्थन वाले इलाकों में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।



