नॉर्वे दौरे के दौरान एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो सवालों से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी ने प्रेस की स्वतंत्रता और जवाबदेही को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया के सवालों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को राजनीतिक हमला बताया है। मामला अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बनता जा रहा है।



